याद किया है
तेरी यादों ने आकर जब भीहमें घेर लिया है ,
तेरी हर बात हर अदा को हमने याद किया है !!
तेरी हर बात
तन्हा मील की खुशी हो या तन्हा सफ़र का गम ,
हर मोड़ पर हमने आप को याद किया है !!
अब आ भी जाईय की बहुत वक्त हो चला ,
इंतजार के हर पल ने तम्हे याद किया है !!
हल्का-हल्का सा तब्ब्सुम वह तेरा शरमाना,
फिर उन झुकती निगहों को हम ने याद किया है!!
आँखों की है फरियाद यही दिल की रजा है,
फिर उम्मीद-ए-जिंदगी ने तुम्हे याद किया है !!
दीवाना कर दिया तेरी उलफत ने ए "एना"
हाथ उठाए दुआ मे "अंजान"ने तुम्हे याद किया है !
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ReplyDeletedear anjan,
ReplyDeletepoem pasand aai.kafi aacha likte ho hame to pata bhi nahi tha ki tum ne anamika ki suru aat ker di.
aap ka dost