Sunday, October 4, 2009

तलाश

तलाश
दोस्ती की भीड़ मे भी एक दोस्त की तलाश हे मुझे ,
इतने अपनो मे भी एक
अपने की तलाश हे मुझे ,
छोर आता हे हर कोई समुंदर के बीच मुझ को ,
अब डूब रहा हूँ तो साहिल की तलाश हे मुझे !!
थक चुका हे इन गमो के अंधेरो से "अंजान",
किसी शमा के उजाले के तलाश हे मुझे !
मैं लड़ना चाहता हूँ इस बेव्क्ट की मौत से ,
इस लिए इक हसीन जिंदगी
की तलाश हैं मुझे !
मैं दीवाना हूँ तेरा यही कह कर चिढ़ाते हैं मुझे !!
"अंजान" को जो समझे उस शख्स की तलाश हैं मुझे !!

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