Thursday, October 29, 2009

पूछ लेना


जब किसी से किसी का महबूब जुदा हो जाता है
तो उस की रातें काफूर बन जाती है
ये चाँद भी गवाह है तारों से पुंछ लेना ,
कटती है कएसे रातें यारों से पुंछ लेना !
दरिया का वह किनारा चड़ती हुई जवानी ,
लहरो की वह रवानी धाराऔ से पुंछ लेना !
शबनम की नन्ही बूंदे , कलियो की पतियो पर ,
पलकों से असक जरी बहारों से पुंछ लेना !
इक इंतजार तेरी , दिल बेकरार मेरा ,
ये चाँद भी गवाह है तारो से पुंछ लेना !
पलक झापक रहा हू पहलू बदल-बदल कर ,
क्या हाल है "अंजान' का तारो से पुंछ लेना !

Wednesday, October 28, 2009

मंजिले

शाम ढलते ही उदास हो जाते है हम ,
रात होते ही तारे गिनते है हम ,
तुम्हे याद करते-करते करवटें बदलते ,
ना जाने कब सो जाते है हम !
सहर होती है इक पीडा लिए ,
रातो का दर्द उनीदी आखों मे लिए ,
कितना ही अछा होता सनम ,
गर तुम से मुहब्बत ना करते !!
ये दर्द का समंदर हमें ना मिलता ,
आज अपनो मे कोई पराया ना होता ,
कुछ मंजिले पा लेते "अंजान"भी ,
गर दिल तुम से टकराया ना होता !!

Tuesday, October 6, 2009

याद किया है

याद किया है
तेरी यादों ने आकर जब भीहमें घेर लिया है ,
तेरी हर बात हर अदा को हमने याद किया है !!
तन्हा मील की खुशी हो या तन्हा सफ़र का गम ,
हर मोड़ पर हमने आप को याद किया है !!
अब भी जाईय की बहुत वक्त हो चला ,
इंतजार के हर पल ने तम्हे याद किया है !!
हल्का-हल्का सा तब्ब्सुम वह तेरा शरमाना,
फिर उन झुकती निगहों को हम ने याद किया है!!
आँखों की है फरियाद यही दिल की जा है,
फिर उम्मीद--जिंदगी ने तुम्हे याद किया है !!
दीवाना कर दिया तेरी उलफत ने "एना"
हाथ उठाए दुआ मे "अंजान"ने तुम्हे याद किया है !