Tuesday, November 10, 2009

तो बात बने
आज कोई पास बिठा ले तो बात बने ,
दर्द इस दिल का चुरा ले तो बात बने ,
कोई तो लेकर गम इक पल की खुशी दे देता ,
आज कोई हम को हसा दे तो बात बने !
कोई तो कहता इस ना समझ जमाने से ,
नाम गर मिट गया हमारा अफ़साने से ,
ढ़ूंढ कर यह जमाना "अंजान" को ला पाएगा ,
आज कोई हम को मिटा दे तो बात बने !



Wednesday, November 4, 2009

मुहब्बत


करके टुकरे जिगर के अश्कों की बोसार करते हैं ,
इस तरह देखिय हम आप से प्यार करते है !
राहे वफ़ा में मिलती है फकत बवफ़ाई रुसवाई ,
मुहब्बत पर मिट जाने का लोग वायदा सौ बार करते हैं !
बेवफा हो सनम तो माना किस्मत की बात हैं ,
बे-वफ़ा से भी देखिय लोग टूट कर प्यार करते हैं !
आने का उन का भरम ही रहे तो इतना है काफ़ी ,
कब्र में रह कर भी देखिय लोग इंतजार करते हैं !
ये क़हसी बला हैं भला मुहब्बत भी "अंजान" ,
क्यों इस तरह बेवज़ह लोग मिटने को तय्यार रहते हैं !